निजता की सुरक्षा सर्वोच्च! MeitY का SOP लागू: मॉर्फ्ड/अंतरंग इमेजरी 24 घंटे में कंटेंट हटाना अनिवार्य।
MeitY ने NCII (मॉर्फ्ड/अंतरंग इमेजरी) कंटेंट पर पीड़ित-केंद्रित SOP जारी किया है। शिकायत मिलते ही मध्यस्थों को 24 घंटे में कंटेंट हटाना अनिवार्य है। यह SOP प्लेटफॉर्म्स, पुलिस, और I4C की भूमिकाओं को स्पष्ट करते हुए जारी किया ।
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने गैर-सहमति वाली अंतरंग इमेजरी (NCII) कंटेंट के प्रसार को रोकने के लिए एक विस्तृत SOP जारी किया है। यह SOP सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 3(2)(b) के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करता है।
1. NCII की कानूनी परिभाषा (Legal Definition of NCII)
NCII कंटेंट में निम्नलिखित शामिल हैं, जिसे शिकायत मिलने पर हटाना अनिवार्य है:
- ऐसा कंटेंट जो किसी व्यक्ति के निजी क्षेत्र (Private Area) को उजागर करता हो।
- ऐसा कंटेंट जो किसी व्यक्ति को पूर्ण या आंशिक नग्नता (Full or Partial Nudity) में दिखाता हो।
- ऐसा कंटेंट जो किसी व्यक्ति को किसी यौन कार्य या आचरण में दिखाता हो।
ऐसे कंटेंट जिसमें व्यक्ति की कृत्रिम रूप से मॉर्फ्ड इमेज (Artificially Morphed Images) शामिल हों।
2. शिकायत दर्ज करने के 4 प्रमुख मार्ग (4 Primary Reporting Avenues)
पीड़ित व्यक्ति या उनकी ओर से कोई भी व्यक्ति इन माध्यमों से शिकायत कर सकता है:
| शिकायत का मार्ग | दी जाने वाली सहायता | |
|---|---|---|
| वन स्टॉप सेंटर्स (OSCs) | NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने में सहायता। कानूनी और मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रदान करना। कानूनी सहायता के लिए DLSA से जुड़ने में मदद। | |
| ऑनलाइन मध्यस्थ | इन-ऐप रिपोर्टिंग चैनल या शिकायत अधिकारी के माध्यम से सीधा संपर्क। असंतुष्ट होने पर शिकायत अपीलीय समिति (GAC) में अपील करने का अधिकार। | |
| NCRP | www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन या 1930 डायल करके रिपोर्टिंग। I4C, MHA के तहत केंद्रीय एग्रीगेटर के रूप में कार्य करता है। | |
| पुलिस स्टेशन (LEAs) | स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज। LEAs तुरंत NCRP/Sahyog पोर्टल पर कंटेंट को रिपोर्ट करेंगी और कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगी। |
3. मध्यस्थों का अनिवार्य दायित्व (Mandatory Liability of Intermediaries)
शिकायत प्राप्त होने पर मध्यस्थों के लिए निम्नलिखित कार्रवाई अनिवार्य है:
- 24 घंटे में हटाना: कंटेंट को शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर हटाना या उस तक पहुँच को अक्षम करना।
- पुनः अपलोड की रोकथाम: महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मध्यस्थों (SSMIs) को हैश-मैचिंग और क्रॉलर तकनीक का उपयोग करके पहचाने गए NCII कंटेंट को दोबारा अपलोड होने से रोकना होगा।
- रिपोर्टिंग और समन्वय: हटाए गए कंटेंट के हैश (Hashes) को I4C (MHA) को 'सहयोग' (Sahyog) पोर्टल के माध्यम से सुरक्षित हैश बैंक बनाने और बनाए रखने के लिए सूचित करना।
- समय-समय पर सूचना: कंटेंट हटाए जाने और दोबारा अपलोड होने पर की गई कार्रवाई के बारे में पीड़ित को समय-समय पर सूचित करना।
- सर्च इंजन/DNRs की भूमिका: सर्च इंजन को कंटेंट को डी-इंडेक्स करना होगा। कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क (CDNs) और डोमेन नाम रजिस्ट्रार (DNRs) को भी 24 घंटे के भीतर कंटेंट तक पहुँच को अक्षम करना होगा।
4. सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय (Inter-Agency Coordination)
- I4C (MHA): यह NCII शिकायतों और हटाने के अनुरोधों का केंद्रीय संग्रह बिंदु (Central Aggregator) होगा और सुरक्षित NCII हैश बैंक का प्रबंधन करेगा।
- DoT: दूरसंचार विभाग (DoT) उचित सरकारी एजेंसी/I4C से संदर्भ प्राप्त होने पर इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISPs) के साथ समन्वय करके आपत्तिजनक URL/लिंक्स को ब्लॉक करने की कार्रवाई करेगा।
- MeitY: मंत्रालय SOP के अनुपालन की निगरानी करेगा और सभी हितधारकों के साथ समन्वय बनाएगा।
यह SOP ऑनलाइन स्पेस में नागरिकों को अपनी डिजिटल पहचान पर नियंत्रण वापस लेने और एक सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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